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मीडिया लाउंज

आरईसीपीडीसीएल ने खावड़ा IV-E 2 पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को पावर ग्रिड को और एनईआरईएस XVI पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को टेक्नो इलेक्ट्रिक को सौंपा
तारीख 30-05-2024

 

गुरुग्राम, 30 मई 2024 : आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल) ने 30 मई 2024 को दो परियोजना विशिष्ट एसपीवी (विशेष प्रयोजन वाहन) सौंप दिएजिनके नाम हैंखावड़ा IV-E2 पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड और एनईआरईएस XVI पावर ट्रांसमिशन लिमिटेडजो क्रमशः “चरण- IV (7 गीगावाट) के तहत गुजरात के खावड़ा क्षेत्र में संभावित नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से बिजली की निकासी के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली” और “पूर्वोत्तर क्षेत्र विस्तार योजना- XVI (NERES-XVI)” के लिए विद्युत मंत्रालय की अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए बनाए गए हैं।

मेसर्स पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड आईएसटीएस योजना “चरण- IV (7 गीगावाट) के तहत गुजरात के खावड़ा क्षेत्र में संभावित अक्षय ऊर्जा क्षेत्र से बिजली की निकासी के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम - भाग ई2” के संबंध में सफल बोलीदाता के रूप में उभरी और मेसर्स टेक्नो इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड को “पूर्वोत्तर क्षेत्र विस्तार योजना-XVI (एनईआरईएस-XVI)” के लिए सफल बोलीदाता के रूप में चुना गया।

संबंधित ट्रांसमिशन सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) का चयन टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। आरईसीपीडीसीएल दोनों परियोजनाओं के लिए बोली प्रक्रिया समन्वयक था।

आरईसीपीडीसीएल के मुख्य महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष (ट्रांसमिशन) श्री पी.एस. हरिहरन तथा आरईसीपीडीसीएल एवं सीटीयूआईएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एसपीवी को सफल बोलीदाताओं को सौंप दिया गया।

आरईसी लिमिटेड के बारे में –

आरईसीविद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन एक महारत्न कंपनी है और आरबीआई के साथ गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी)सार्वजनिक वित्तीय संस्थान (पीएफआई) और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी (आईएफसी) के रूप में पंजीकृत है। आरईसी उत्पादनपारेषणवितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनबैटरी स्टोरेजपंप स्टोरेजग्रीन हाइड्रोजनग्रीन अमोनिया परियोजनाओं जैसी अनेक नई प्रौद्योगिकियों सहित पूरे विद्युत अवसरंचना क्षेत्र को वित्तपोषित कर रही है। हाल ही में आरईसी द्वारा गैर-विद्युत अवसंरचना क्षेत्र में भी विविधता लाई गई है जिसमें राजमार्ग और एक्सप्रेस वेमेट्रो रेलहवाई अड्डेआईटी संचारसामाजिक और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचा (शैक्षणिक संस्थानअस्पताल)बंदरगाह जैसे अनेक क्षेत्रों जैसे इस्पातरिफाइनरी आदि के संबंध में इलेक्ट्रो-मैकेनिकल (ई एंड एम) कार्य शामिल हैं। आरईसी लिमिटेड देश में बुनियादी अवसंरचना परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्यकेंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वता अवधि के ऋण प्रदान करती है।

आरईसी लिमिटेड विद्युत क्षेत्र के लिए सरकार की अग्रणी योजनाओं में प्रमुख रणनीतिक की भूमिका निभा रही है और प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य)दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) और राष्ट्रीय विद्युत निधि (एनईएफ) योजना के लिए नोडल एजेंसी के रूप में चुनी गई थी इन योजनाओं के परिणामस्वरूप देश के अंतिम छोर तक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाया गया तथा 100% ग्रामीण और घरेलू विद्युतीकरण किया गया। आरईसी को कुछ राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों की संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के लिए भी नोडल एजेंसी बनाया गया है। केंद्र सरकार द्वारा आरईसी को ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ की जिम्मेदारी भी दी गई है। 31 मार्च 2024 के अनुसार आरईसी की लोन बुक ₹5.09 लाख करोड़ एवं नेट वर्थ ₹68,783 करोड़ है।

पृष्ठ को अंतिम बार अद्यतन किया गया: 09/01/2025 - 11:28 AM
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